नमस्कार दोस्तों, मैं अनिल, ओडिशा से हूं और मैं एक सेक्स स्टोरी का प्रेमी हूं।
और डेली सेक्स स्टोरी पढ़ के मजे से मेरे लंड का पानी निकलता है।
बहुत सोचने के बाद मैंने भी ठान लिया कि मेरा जैसा लंड धारी दोस्त और भाई।
और चूत धारी भाभी, बहन को लिए सेक्स स्टोरी लिखना शुरू करें।
आज कहानी बताने जा रहा हूं ये मेरी जिंदगी भी बीती सच्ची घटने पर आधारित है।
इसमें सारे किरदार का नाम बदला हुआ है लेकिन काम बिल्कुल सही है।
तो अब आपको बोर ना करते हुए कहानी पे आता हूँ।
चलिए शुरू करते हैं।
मेरी कहानी में 3 किरदार हैं, एक मेरी बीवी की मां कोमल उम्र 40 साल, मेरी 28 साल की और मेरी बीवी सोनम 21 साल की।
पहले मां के बारे में मैं बताता हूं। वो देखने में एक दम विद्या बालन लगती है।
उसके स्तन 36 की और गांड 34 की और कमर 30 की है।
इतनी उम्र होने के बाद भी बिल्कुल काम देवी लगती है।
और मेरा बीवी का क्या कहना मेरा 8 इंच लंड को संभालने के लिए एकदम परफेक्ट साइज़ 34-28-34।
तो दोस्तों, ये कहानी मेरी सुहागरात की है। मेरी शादी से पहले हमारे घर में, मे और मेरी माँ रहती थीं।
पिताजी का देहांत बहुत पहले हो चुका था।
पिता जी एक सरकारी नौकरी करते थे इसलिए माँ को उनकी जगह पर नौकरी मिल जाती थी। और हम लोग भुवनेश्वर शिफ्ट हो गये थे.
जब से मैं सीएलजी गया था तब दोस्तों के साथ मिल के सेक्स के बारे में मुझे पता चला।
और धीरे सेक्स स्टोरी और ब्लू फिल्म का लेट लग गया। मुझे हमसे माँ बेटे, भाई बहन की कहानी सब से अच्छी लगती थी।
धीरे धीरे मेरी नज़र मेरी अपनी बीवी की माँ पर गयी जो सेक्स की देवी जैसी लगने लगी।
लेकिन कुछ करने की हिम्मत नहीं होती ता कभी।
बस उसके स्तन, गांड को देख के मुँह मारता था।
और कभी आधा नंगी देखने को मौका भी मिलता था।
काई बार मां को साड़ी चेंज करते देखता था और कभी-कभी नहाते चुप चुप के रहता था।
ऐसे ही दिन चलते हैं. और मेरा पढाई ख़तम हो के मैं एक निजी कंपनी से जुड़ूंगा भुवनेश्वर में।
जब मेरा नौकरी लग गया तब से माँ मेरी शादी करने को चाहा।
मैंने उसको बोल दिया कि जो हमें पसंद आएगा मैं शादी कर लूंगा।
क्योंकि मुझे प्यार में कोई दिलचस्पी नहीं थी मुझे बस चुत से मतलब था।
कॉलेज टाइम पे बहुत सारे भाभी और लड़कियो की चूत को शांत किया है । पर अब सब छोड़ दिया था जब से नौकरी लगी है।
एक दिन माँ हमारे दूर की एक रिश्ते के एक लड़की की फोटो दिखाएगी और बोली के तेरी शादी मैं इसकी साथ दूंगी।
मैंने जब तस्वीर देखी उसकी मे ख़ुशी से झूम उठी क्योंकि वो बहुत खूबसूरत थी।
मैंने हां कर दिया.
फिर माँ ने हमारी सगाई करवा दी।
धीरे-धीरे हमारे बार शुरू हुए फोन पे।
मिलना जुलना भी शुरू हुआ शादी के लिए शॉपिंग के लिए।
और ठीक दो महीने बाद शादी की डेट फिक्स हुई।
धीरे-धीरे हमारे बीच मे चूमा चाटी और रोमांटिक बातें शुरू हुई।
एक दिन मैं होने वाले बीवी के सामने सरीफ बनते हुए उसको बोल रहा था कि मुझे सुहागरात के बारे में कुछ नहीं पता और उसने भी बोला मुझे भी नहीं पता।
ऐसे बार बार हो रहा था शायद माँ मेरी बातों को सुन लिया।
फिर उस दिन रात को खाना खाते समय पे मुझसे बोली के बेटा मेरी को जल्दी दादी बना देना।
मे इस बात को सुनकर हैरान हो गया। मे कुछ बोला नहीं. फिर उसने पूछा कि पता है ना शादी के बाद क्या करना होता है?
मैं बोला की सुहागरात के दिन क्या होता है मुझे नहीं मालूम।
बीवियों की चुत की खुजली ने करी पड़ोसी पतियों की अदला बदली
फ़िर वो मेरी को बोली कि अपने दोस्तों से पता कर के आना कल।
मैं हम्म भर के सोने के लिए चला गया।
और रात को माँ के बारे में सोच के दो बार मुठ मारा और सो गया।
अगले दिन रात को टीवी देख रहा था
मां पास में आके बैठ गई।
और फिर वही बार शुरू कर दी।
मैंने उसको बोल दिया मेरी को किसी को पूछना अच्छा नहीं लगता जो होगा देखा जाएगा।
फिर वो बोली तेरे कोई gf नहीं थी फूल. मैने मन कर दिया.
फ़िर वो थोड़ा टेंशन मे आ गई। मुझसे बोली की शादी से पहले तेरे को कुछ जान ने का जरुरत है।
तभी तू तेरे बीवी को खुश कर पायेगा। मैने भोला बनते हुए उसको पूछा कि क्या सीखना होगा?
वो बोली कि अब सब कुछ मुझसे ही सीखेगा या किसी दोस्त को भी पूछेगा?
तो मैं जिद कर बैठा कि तुम भी तो मेरे दोस्त हो तुम सिखा दो।
फिर वो बोली ठीक है, मैं तुम्हें कल रात को सिखा दूंगी।
कल रात को शनिवार की रात थी और परसो रविवार की रात।
माँ का भी छूटी थी और मेरा भी। मैं बेसबरी से इंतजार कर रहा था कि कल क्या होगा। ऐसे सोचते सोचते सो गया.
फिर सुबह उठ के मैं ऑफिस निकल गया और माँ भी।
ऑफिस आज काम करने का बिल्कुल मन नहीं था तो जल्दी आ गया हाफ डे लेके।
फ़िर शाम हो गया और हम लोग खाना खा रहे थे। तब माँ बोली कि आज तू मेरे कमरे में सो जाना।
मैंने ओके बोला और मैं एक शॉर्ट्स और टी शर्ट नई सोने के लिए आ गया।
तब मेरी माँ कम ख़तम कर के नहाने गयी थी।
थोड़ी देर बाद नहाके निकली.
जब वो निकली वो एक सफ़ेद तौलिया लपेटती हुई थी बिल्कुल कयामत लग रही थी।
फिर वो एक स्लीवलेस ब्लैक नाइटी पहनने के आई, मैं देख के पागल हो जा रहा था।
फिर मैं भोला बनते हुए सोने के नाटक करने लगा।
माँ ने मुझे जगाया और वो टीवी देखेगी और कुछ बात करनी है। मैं उठा और टीवी पर आया।
उस टाइम सेट मैक्स पे मस्तीजदा फिल्म आ रहा थी ।
आपको पता ही होगा कि कैसी फिल्म है वो।
इसलिए मैंने चैनल चेंज कर दिया।
माँ मेरी को देख के मुस्कुराई और पूछी कि क्यू चेंज किया।
मैं बोला कि अच्छी फिल्म नहीं है इसलिए।
फिर वो पूछी को इसमें क्या ख़राब है? मैंने उसको बोला कि न्यूड सीन बहुत है और ऐसा मुझे अच्छा नहीं लगता।
फिर माँ मेरी से रिमोट लेके टीवी बंद कर दिया।
और बोला कि बेटा अब जो बताने जा रही हूं ध्यान से सुनना, तेरी शादी शुदा जिंदगी में बहुत काम आएगी।
मुझसे डायरेक्ट पूछने लगी कि तेरा सेक्स का अनुभव कैसा है?
मैंने सुनकर हैरान हो गया और मुहं निचे कर दिया।
तो वो बोली कि बेटा तेरे को शादी से पहले ये जाना जरूरी है, नहीं तो तू तेरे बीवी को कभी खुश नहीं रख पाएगा।
फिर मैंने उसको बोला कि मुझे इसके बार कुछ भी आइडिया नहीं है।
फिर वो मुस्कुराएंगे वोली कि तभी आज मैं तेरी ट्रेनिंग करवाउंगी।
ये सुन के मेरी होश उड़ गया.
अंदर ही अंदर मैं सातवे असमान पाहुच गया था।
क्यूँ कि आज मुझे वो मिल रहा था जिसका मैं सदियों से इंतज़ार कर रहा था।
फिर मैं नाटक करते हुए बोला कि वो कैसे।
तो वो मुझसे बोली कि तू जो तेरे बीवी के साथ करेगा बाद में आज मैं तेरे को वो बताउंगी।
तो जो मैं कहूंगी उसको करते रहना और ध्यान से देखना। मैं ह्नम मैं सर हिलाया।
उसने मुझको को पास बुलाया और एक पेन ड्राइव दी और बोली कि इसमें जो फिल्म है उसे चलाओ।
फिर मैंने टीवी चलाया। देखते देखते एक पोर्न मूवी शुरू हो गई और उसमें एक लड़का एक औरत को चोद रहा था।
मैंने देख के नीचे सर झुका दिया.
माँ ने मेरी को बोला बेटे देख मैं तेरा दोस्त हूँ और तुझे अब सब बताना मेरा फ़र्ज़ है।
तो तू अभी इसको देख और तेरे को धीरे-धीरे समझाऊगी ।
फिर मैंने देखने लगा और धीरे-धीरे मेरा 8 इंच का लंड मोटा हो गया और
पैंट में टेंट बना दिया।
और मुझे लगा कि माँ को भी इसका असर हो रहा है।
वो भी तिरछी नज़र से मेरी पैंट को देख रही थी।
अभी वो टीवी बंद कर दी. और बोली कि तेरे को मैं दूर से कुछ दिखाऊंगी ध्यान से देखना।
फिर वो खड़ी हो गई और अपनी नाईटी उतार दी।
और मेरी सामने सिर्फ ब्रा और पैंटी खड़ी थी।
मैं देख के पागल हो रहा था लेकिन कंट्रोल किया।
उसके दोनों स्तन बाहर निकलने के लिए जैसे उतावले हो क्रोध थे, जैसे मेरे लंड का हाल था।
वो बिस्तर पर लेट गई और वोली सेक्स हमेशा प्यार से शुरू होता है।
तो तू तेरे बीवी को डायरेक्ट चोदना नहीं, बल्कि किस से शुरू करना। ऐसे बटे सुन के मैं पागल हो रहा था।
फ़िर बोली कि चुंबन पहले माथे पे करना फिर कान पे फिर बगीचे पे ऐसे धीरे धीरे नीचे तक करना।
ऐसे कहते उसके हाथ अंजने में उसके बूब्स के ऊपर आ गई।
उसने धीरे से अपनी ब्रा का हुक खोलकर दोनों चूचीयो को मुक्त किया।
पहली बार माई अपनी माँ की चुची को इस स्थिति में देख रहा था।
और मेरा लंड अब अंदर से बाहर आने के लिए बेताब था।
तो माँ ने इस चीज़ को नोटिस किया और बोली कि मैं जब नंगी हो रही हूँ तू भी हो जा, इसमें क्या सरमाना।
नहीं तो फिर तेरे बीवी के सामने कैसे कपड़े उतारेगा। ये बोल के मेरी पास आई और मेरी पैंट खिंच ली।
पैंट खिंचते ही मेरी मूसल लंड फैन फैनते हुए खड़ा हो गया।
जब उसने देखा तो उसके मुँह से आह निकल गई।
पहली बार मेरे लंड को इस हालत में देखा शायद।
देखने के बाद उसने बोली कि तेरे बीवी तेरे को बहुत प्यार करेगी क्योंकि उसको इतना अच्छा लंड जो मिलने वाली है।
ऐसा लंड किस्मत वाली को ही मिलता है।
फ़िर वो अपने निपल पे उंगली फेरती हुई बोली की।
जब भी लड़की के स्तन चूसना हो तब निप्पल से चूसना शुरू करो, इस लड़की की सेक्स इच्छा जल्दी जागती है
और वह ज्यादा सेक्सी हो जाती है।
उसको धीरे-धीरे काटते रहो और चूसते रहो और दूसरे स्तन को एक हाथ में धीरे-धीरे दबाते रहो।
ऐसे बोल ते हुए वो खुद ही अपने स्तनों को दबा रही थी।
उसके बाद वो बोली कि अगली बार तुम अपनी बीवी के पेट को हमेशा धीरे-धीरे काटना।
क्यू की ऐसे करोगे तो वो बहुत जल्दी सेक्स के लिए राजी हो जाएगी।
अब धीरे से वो अपनी पैंटी निकलते हुए उसको अलग कर देगा।
पहली बार मेरी सामने मेरे सपनों की सेक्स देवी पूरी नंगी लेटी हुई थी।
और उसकी चूत बिल्कुल साफ थी एक भी बाल नहीं थी।
ये नज़र देखते हैं मेरी टोपी मेरी खड़े हुए लंड पर पता नहीं कब चलेगा।
फिर वो बताई कि चुत में लंड डालने से पहले चुत में उंगली डालना नहीं तो
चुत को चाट के थोड़ा पानी पानी कर देना।
नहीं तो उसको ज्यादा दर्द होगा तो दोनों ठीक से मजे नहीं ले पाओगे।
क्यूकी सेक्स मैं संतुष्टि बहुत माईने रखती है।
ऐसे कहते हुए वो उसकी एक उंगली चूत में डाल दी और आवाज़ करने लगी।
देखते-देखते मैं भी उसे देखते हुए अपने हाथ से हस्तमैथुन कर रहा था।
अब वो भी अपनी आँखें बंद करके पूरे जोश के साथ अपनी उंगली अंदर-बाहर कर रही थी।
करीब 10-15 मिनट बाद वो झड़ गई। और जब उसने अपनी आँखें खोली तो उसने देखा कि मैं अपना लिंग जोर-जोर से हिला रहा था, पर वो अभी तक निकला नहीं था।
तो वो मेरे पास आई और बोली चलो बैठो मैं तुम्हारी थोड़ी मदद करती हूँ।
और ये कहते हुए उसने मेरा लिंग अपने हाथ में लिया और हस्तमैथुन करने लगी।
मुझे तब इतना मज़ा आ रहा था कि मैं उसे बयान नहीं कर पाऊँगा।
फिर कुछ देर बाद मेरा लावा निकल गया और सीधा उसके चेहरे पर गिरा।
वो बाथरूम में जाकर खुद को साफ करके वापस आ गई। मैं वैसे ही लेटा रहा।
फिर मैंने माँ से पूछा, क्या तुमने पापा के मरने के बाद कभी किसी के साथ सेक्स किया है?
वो हँसी और बोली, आज जो भी देखती हूँ, जब भी मन करता है, वो कर लेती हूँ।
फिर मुझे लगा कि माँ को सेक्स की ज़रूरत है।
फिर मैंने कहा कि तुम्हें भी सेक्स की ज़रूरत है। फिर तुम किसी को ढूँढ़कर सेक्स कर लेना। मैं कुछ नहीं कहूँगा।
पर उसने मना कर दिया और कहा कि इससे बदनामी होगी। ऐसे ही बातें करते-करते मुझे कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला।